PALI NEWS, 5 जून। पाली शहर में नया बस स्टैंड के पास गली कूचों में अवैध होटल चल रहे हैं। इन होटलों के पास न तो फायर एनओसी है, ना ही कोई इमरजेंसी गेट बना है, ना ही होटल चलाने की परमिशन है। आवासीय कॉलोनी में छोटे-छोटे प्लॉट काटकर उन पर व्यवसायिक गतिविधियां की जा रही हैं। गुरुवार देर रात एक होटल में आग लग गई जो रिसेप्शन से शुरू होकर तीसरी मंजिल तक पहुंच गई। आग इतनी भयावह थी की कमरे में लगे AC और TV तक पिगल गए। छत पर लगे पंखे पिघलकर नीचे गिर पड़े और पूरा फर्नीचर जलकर रख हो गया।
अगले दिन सुबह आग बुझने के बाद जब पुलिस ने होटल में छानबीन शुरू की तो जले हुए सामान में लड़के-लड़कियों के आधार कार्ड की फोटो कॉपी मिलीं, जिस पर कमरा नंबर और समय लिख हुआ था। होटल कर्मियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि वे कोई रजिस्टर मेंटेन नहीं करते, जो भी कमरा लेने आता है उसका रिकॉर्ड इसी तरह अपने पास रखकर चाबी दे देते हैं। घटना के वक्त 4 लोग होटल में रुके हुए थे तीसरी मंजिल पर एक शख्स फंस गया था और कोई दूसरा रास्ता नहीं होने के कारण उसकी जान पर बन आई थी, हालांकि दमकल कर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। होटल में आग लगने की इस घटना से निगम पर भी सवाल उठ रहे हैं कि अधिकारियों ने कैसे इस निर्माण को परमिशन दे दी जब सभी सुरक्षा के मापदंड फेल हैं? सबसे बड़ी बात है कि जिस होटल में आग लगी वो पुलिस चौकी से मात्र ढाई सौ मीटर की दूरी पर स्थित है लेकिन किसी को इसकी भनक नहीं लगी। निगम से अधिकारी सर्वे करने आए, उन्होंने इस होटल का मुयाना किया, और फिलहाल जांच के आदेश दे दिए हैं।
