PALINEWS; 15 जुलाई।  बुधवार को राज्य सरकार द्वारा राजशाला संबलन के तहत निजी स्कूलों के लिए जारी नए निरीक्षण दिशा-निर्देशों के विरोध में जिले के सभी निजी स्कूले बंद रही।

निजी शिक्षण संस्थान पाली के जिलाध्यक्ष प्रदीप दवे ने बताया कि जिला निजी शिक्षण संस्थान ने सरकार के इन आदेशों को अव्यावहारिक, अनावश्यक और अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए एक दिवसीय सांकेतिक बंद का यह निर्णय लिया है। जिलाध्यक्ष दवे ने बताया कि अगर सरकार अगले 10 दिनों में निर्णय नहीं लेती है तो आन्दोलन हेतु नई रणनीति तैयार की जाएगी जिसकी जिम्मेदारी स्वयं सरकार की होगी।

सचिव पुखराज शर्मा ने बताया कि RTE पोर्टल पर फीस विनियमन, आरटीई, पीटीए, एसएलएफसी (SLFC) सहित अधिकांश सूचनाएं पहले से पोर्टल पर हैं। फिर भी निजी शिक्षण संस्थानों को सरकार प्रतिमाह नए नए प्रारूप निकालकर सुचनाए मंगवाती है।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयशंकर त्रिवेदी ने बताया कि आक्रोश रैली लोढ़ा स्कूल से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए से कलेक्टर कार्यालय पर पहुची वहा कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल,मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। आक्रोश रैली में “वादा नहीं भुगतान चाहिए”, “हम हमारा हक़ मागते नहीं किसी से भीख मागते”, “शिक्षा मंत्री होश में आओ”, “निजी शिक्षण संस्थानों पर हो रहे अत्याचारो को बंद करो- बंद करो” आदि अनेक प्रकार के नारे लगाए गए | आक्रोश रैली में अध्यापक और अध्यापिकाओ की संख्या हजारो में थी।

संयोजक हिम्मत सिंह व दलपत सिंह ने बताया कि निजी शिक्षण संस्थान शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और शासन के सभी वैधानिक नियमों की पालना के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं पर वे उन अव्यावहारिक प्रावधानों का सख्त विरोध कर रहे हैं जिनसे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो और भ्रष्टाचार के साथ-साथ अनावश्यक प्रशासनिक हस्तक्षेप की संभावनाएं बढ़ें।

संयोजक भीम सिंह जी ने बताया कि सरकार निजी शिक्षण संस्थानों से एक ही सूचना को अलग अलग माध्यमो द्वारा मंगवाती है अधिकांश सुचनाए फीस विनियमन, आरटीई, पीटीए, एसएलएफसी (SLFC) सहित अधिकांश सूचनाएं पहले से पोर्टल पर हैं।

आक्रोश रैली में जिलाध्यक्ष प्रदीप दवे, सचिव पुखराज शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयशंकर त्रिवेदी के साथ, हिम्मत सिंह, दलपत सिंह, हरवंश दवे, राजेंद्र आर्य, भीम सिंह, नारायण सिंह, भूपेंद्र सिंह, प्रवीण दाधीच, रमाकांत मिश्रा, अशोक जोशी, भरत निम्बार्क आदि मौजूद थे|

पाली की समस्त RBSC व CBSE स्कूले रही बंद

पाली में सेंटपोल, मिशन स्कूल, रेनबो स्कूल, एम एस कवाड, सेन्ट्रल एकेडमी, सेंट जेवियर, दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), सरस्वती शिक्षा समिति (पाली) के समस्त विद्यालय, मधुरम, रतन चंद लोढ़ा, फादर चिल्ड्रन, कृष्णा विद्या मंदिर,जवाहर बाल, फ्यूचर किड्स एकेडमी, सूरज, कात्यानी, हंसवाहिनी, विवेक पब्लिक, श्री गणेश शिक्षण समूह, राईट चॉइस,बीएड कोलेज, कमल बाल, गुरुकुल, जय आदर्श, दधिमती, विजय आदर्श, माँ गायत्री, स्काई पब्लिक, सुदर्शन, श्री राज विद्या, पब्लिक मोर्डन, शक्ति, प्रभात, विद्या सागर, संस्कार, रूपरजत, विवेकानंद, विनायक, शारदा, सेंट पब्लिक, सन ब्राईट, राजश्री, कार्तिकेय, किड्स लर्निंग, नालंदा, जय बजरंग, नंदिनी, सत्यम, सिद्दार्थ, संस्कार केंद्र, श्री गणेश शिक्षण, जय मरुधर केसरी, सांखला, नवनीत, श्री जगदम्बा, भारतीय विद्या पीठ,महावीर, स्वामी दयानंद, नम्रता, भारतीय विद्या म. राम नगर, लोड महर्षि गौतम, सतनाम, श्री यादे, रॉयल एकेडमी, प्रगति,महिपाल बाल, ध्रुव, चन्द्र कमल, सुवादिया, सेपियंट, जय संस्कार आदि अनेक पाली की स्कूले बंद थी।

प्रवक्ता भरत निम्बार्क ने दमनकारी नीति के विरोध में आक्रोश रैली में आने वाले सभी का आभार प्रदर्शित किया।

निजी स्कूलों की प्रमुख आपत्तियां

प्रपत्र में पाठ्यपुस्तकों और यूनिफॉर्म के संबंध में पूछे गए प्रश्न वास्तविक परिस्थितियों से मेल नहीं खाते।

फीस विनियमन, आरटीई, पीटीए, एसएलएफसी (SLFC) सहित अधिकांश सूचनाएं पहले से पोर्टल पर हैं।

विभाग वर्ष में एक बार पोर्टल आधारित निरीक्षण करता है। बार-बार क्यों ?

नियमित प्रशासनिक व शैक्षणिक कार्य प्रभावित होंगे और अनावश्यक निरीक्षण व्यवस्था से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।

एक शैक्षणिक सत्र पूरा हो चुका है। नया शुरू हुए लगभग 3 महीने बीत चुके हैं, फिर भी पूरे वर्ष की आरटीई प्रतिपूर्ति नहीं मिली।

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