जयपुर, 18 अप्रेल। राजस्थान में आंतरिक सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एटीएस को बड़ी सफलता मिली। जयपुर यूनिट को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एटीएस और हनुमानगढ़ पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर भादरा में एक अवैध आधार सेंटर पर छापेमारी की, यह सेंटर नगरपालिका के पास आर्य समाज धर्मशाला के नजदीक संचालित हो रहा था।
छापेमारी के दौरान मौके से कुलदीप शर्मा नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जांच में सामने आया कि वह अन्य लोगों जसवंत और आमिर खान की ऑपरेटर आईडी का गलत इस्तेमाल कर रहा था और उनके नाम पर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बना रहा था। पुलिस जब सेंटर के अंदर पहुंची तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था, आरोपी लाल और सफेद रबर से बने डमी फिंगरप्रिंट का उपयोग करता था इसके अलावा कागज पर छपी आंखों की रेटिना की तस्वीरों को आईरिस डिवाइस के सामने रखकर बायोमेट्रिक सिस्टम को धोखा दिया जाता था, एनरोलमेंट रसीदों पर भी फर्जी हस्ताक्षर खुद ही करता था।
मौके से पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं जिनमें लैपटॉप, प्रिंटर, आईरिस स्कैनर, पाम फिंगरप्रिंट डिवाइस, जीपीएस डिवाइस, कैमरा और मोबाइल शामिल हैं इसके अलावा फिंगरप्रिंट डाई भी बरामद हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि ऐसे फर्जी आधार कार्ड का उपयोग फर्जी सिम कार्ड लेने फर्जी बैंक खाते खोलने और साइबर अपराधों में किया जा सकता था इससे राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का भी खतरा था, समय रहते कार्रवाई कर एटीएस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया।
आरोपी के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच भिरानी थाना पुलिस को सौंपी गई है पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क के अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार किसी बड़े या अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं। आरोपी के मोबाइल और लैपटॉप का फोरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है ताकि पुराने रिकॉर्ड्स खंगाले जा सकें।
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में एटीएस के अधिकारियों और स्थानीय पुलिस टीम का अहम योगदान रहा, पुख्ता सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई ने एक बड़े साइबर खतरे को उजागर कर दिया।
