बीकानेर, 11 अप्रेल। राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ शनिवार को बीकानेर दौरे पर रहे, जहां उनके तेवर काफी तल्ख नजर आए. राठौड़ ने न केवल विपक्ष पर निशाना साधा, बल्कि पार्टी की दिग्गज नेता वसुंधरा राजे और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को लेकर भी बड़े बयान दिए, सबसे ज्यादा चर्चा मदन राठौड़ के उस मारवाड़ी कहावत की हो रही है जिसे वसुंधरा राजे के हालिया बयानों पर कटाक्ष माना जा रहा है।
मोदी सु कुन झगड़ो करे..
दरअसल, 6 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर झालावाड़ में वसुंधरा राजे ने मुस्कुराते हुए कहा था, मैं खुद को ही नहीं बचा पाई तो तुम्हारे लिए क्या कर सकती हूं इस बयान पर जब मदन राठौड़ से सवाल हुआ, तो उन्होंने मारवाड़ी अंदाज में जवाब दिया उन्होंने कहा चिट्ठी चूर-चूर करे मांगे डाल और घी, मोदी सु कुन झगड़ो करे चिट्ठी खानी नाल, राजनीतिक गलियारों में इस कटाक्ष को राजे के लिए एक सीधा और कड़ा संदेश माना जा रहा है।
इस कहावत का मतलब समझें
यह राजस्थानी लोकजीवन की एक पुरानी कहावत है यहां चिट्ठी का मतलब रोटी से है, जबकि मोदी का मतलब अनाज के दुकानदार से है, कहावत कहती है कि सूखी रोटी को भी चूर-चूर करके उसमें खूब सारी दाल और घी डालकर उसका आनंद लेना चाहिए, यानी जो मिला है उसे बेहतर बनाकर उसका सुख लेना चाहिए जिससे हमें अनाज मिलना है, जिससे हमारा घर चलता है, उससे भला कौन झगड़ा मोल ले, अगर उससे झगड़ा किया तो फिर रोटी किसके साथ खाएंगे।
हमने कार्यकर्ता से बात कर मामला सुलझा लिया
इस दौरान उदयपुर में चल रही गुटबाजी और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के खिलाफ राष्ट्रपति को लिखी गई चिट्ठी पर भी राठौड़ ने जवाब दिया, उन्होंने कहा कटारिया जी महामहिम हैं उनके बारे में हम कुछ नहीं बोल सकते, जहां तक कार्यकर्ताओं की नाराजगी का सवाल है हमने उनसे बात कर मामला सुलझा लिया है, बता दें कि कटारिया पर उदयपुर में समानांतर सत्ता चलाने के आरोप लगे थे, जिस पर उन्होंने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब दिया था।
