Jaipur News: जयपुर, 3 मई। दुष्कर्म के आरोपों में घिरे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी किशन सहाय मीणा के खिलाफ सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। शनिवार को कार्मिक विभाग ने आईपीएस अफसर किशन सहाय मीणा को एपीओ करने का आदेश जारी कर दिया। वे पुलिस मुख्यालय में आईजी ‘मानवाधिकार’ के पद पर तैनात थे। उनके खिलाफ जयपुर के मालवीय नगर थाने में गंभीर आपराधिक मामला दर्ज हुआ है, जानकारी के अनुसार 53 वर्षीय महिला ने अदालत के जरिए इस्तगासा पेश कर किशन सहाय मीणा पर दुष्कर्म, मारपीट और धमकी के आरोप लगाए हैं।

महिला का आरोप है कि अधिकारी ने उसे शादी का झांसा देकर अपने सरकारी आवास पर बुलाया और वहां उसके साथ जबरदस्ती की। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और शिकायत न करने के लिए धमकाया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसका मोबाइल छीन लिया और बाद में वीडियो कॉल के जरिए उसे लगातार डराया-धमकाया।

महिला ने सुरक्षा कारणों से दूसरे राज्य से डाक के माध्यम से शिकायत भेजी जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया, पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ स्तर पर निगरानी की जा रही है और पीड़िता के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

आईजी किशन सहाय मीणा पहले भी विवादों में रहे

आईपीएस किशन सहाय मीणा ने आरोपों को साजिश बताया है और कहा है कि उनके खिलाफ जानबूझकर मामला बनाया गया है। बता दें कि किशन सहाय मीणा पहले भी विवादों में रहे हैं, झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन वे बिना किसी सूचना के जयपुर वापस लौट आए। चुनाव आयोग की सख्ती के बाद राजस्थान के मुख्य सचिव और DGP ने उन्हें सस्पेंड करने के आदेश जारी किए थे।

इसके अलावा हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने प्रेमानंद महाराज और पंडित धीरेंद्र शास्त्री को अंधविश्वासी करार दिया था। भगवान, अल्लाह और वाहेगुरु को काल्पनिक बताते हुए कहा था कि इनमें कोई दम नहीं है। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि धर्मग्रंथों से हिम्मत मिलना सिर्फ एक भ्रम है और भगवान ने कभी किसी देश को गुलाम होने से नहीं बचाया।

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