जयपुर, 13 अप्रेल। प्रदेश में बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय कैंसर) से बचाने के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी लाई जाएगी। सोमवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित टीकाकरण कार्यक्रम की स्टेट टॉस्क फोर्स की बैठक में इस संबंध में विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मिशन निदेशक एनएचएम जोगाराम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न सहयोगी राजकीय विभागों और डवलपमेंट पार्टनर संस्थाओं को सामूहिक प्रयास बढ़ाकर 14 वर्ष की उम्र की सभी बालिकाओं के यू-विन साफ्टवेयर में रजिस्ट्रेशन करवाकर उन्हें एचपीवी प्रतिरक्षक टीका लगवाने और समुदाय में इसके लिए जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिये गये।
मिशन निदेशक एनएचएम ने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय गाइडलाइन के अनुसार मापदंडों की पालना करते हुए 2795 टीकाकरण सत्र संचालित किये गये हैं, जिनमें लक्षित 14 वर्ष की उम्र की 7720 लाभार्थियों को आवश्यक एचपीवी टीके लगाये दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार एचपीवी टीकाकरण के लिए लाभार्थी को यू-विन आनलाइन साफ्टवेयर में पंजीयन करना होता है और उसी के अनुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष एचपीवी टीकाकरण सत्र आयोजित कर पंजीकृत बालिकाओं को संबंधित टीके लगाने का प्रावधान है।
मिशन निदेशक ने बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध करवाये जाने वाला एचपीवी टीका पूर्णतः सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। आमजन में टीके को लेकर किसी भी तरह की भ्रांति और मिथकों को दूर करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास व पंचायतीराज विभाग सहित अन्य विभाग अपनी सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण अभियान की उपलब्धियों, चुनौतियों एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को प्रभावित करने वाला गंभीर रोग है और वैश्विकस्तर पर लगभग 99 प्रतिशत से अधिक मामले ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण के सामने आते हैं। वहीं भारत में यह महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद यह दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है, इसलिए इसकी रोकथाम अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा इस अभियान के अंतर्गत लक्षित आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क टीकाकरण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
परियोजना निदेशक टीकाकरण डॉ. रघुराज सिंह ने बताया कि स्टेट टॉस्क फोर्स समीक्षा बैठक में सहयोगी विभागों के साथ टीकाकरण कवरेज में वृद्धि, दूरस्थ व वंचित क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाने, जागरूकता गतिविधियों में परिवार की समझाइश बढ़ाने के साथ ही स्कूलों-आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अधिकतम लाभार्थियों तक सही जानकारियां पहुंचाने में सहभागिता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गयी है। उन्होंने बताया कि बैठक में जन्म से 2 वर्ष तक की उम्र तक बच्चों को लगाये जाने वाले नियमित टीकाकरण कार्यक्रम पर भी विस्तार से चर्चा की गयी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नियमित टीकाकरण में निरन्तर प्रगति दर्ज हो रही है और वर्तमान में करीब 90 प्रतिशत टीकाकरण हो रहा है।
बैठक में अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी.शुभमंगला, चिकित्सा शिक्षा विभाग व अन्य राजकीय विभाग और डपलपमेंट पार्टनर डब्यूएचओ, यूनिसेफ, निपी इत्यादि संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
