पाली, 25 अप्रैल।  विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर शनिवार को जिले के समस्त चिकित्सा संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान ओपीडी में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को मलेरिया से बचाव, लक्षणों की पहचान तथा समय पर जांच और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
सीएमएचओ डॉ विकास मारवाल ने बताया कि इस वर्ष मलेरिया दिवस की थीम है मलेरिया को समाप्त करने का दृढ़ संकल्पः अब हम कर सकते हैं। अब हमें करना ही होगा। उन्होंने बताया कि मलेरिया एक मच्छर जनित बीमारी है, जिससे सावधानी और जागरूकता के माध्यम से प्रभावी ढंग से बचाव किया जा सकता है।

मलेरिया दिवस को लेकर पाली, रोहट, बाली व सुमेरपुर में ब्लॉक बैठकों का आयोजन किया गया।

पाली व रोहट ब्लॉक में आरसीएचओ डॉ विजेंद्रपाल सिंह चुंडावत व एनएचएम के डीपीएम भवानी सिंह के सानिध्य में आयोजित की गई। वही बाली ब्लॉक की बैठक डिप्टी सीएमएचओ डॉ वेदांत गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित कर मलेरिया दिवस के बारे में जानकारी दी। साथ ही मलेरिया दिवस के अवसर पर चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी में आने वाले मरीजों को मलेरिया के बारे में विस्तृत चर्चा कर जागरूक किया गया। बैठक में उन्होंने कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कार्मिकों ने मरीजों को बताया कि बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द और शरीर में दर्द मलेरिया के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सा संस्थान में जांच करवाने की सलाह दी गई। साथ ही घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, मच्छरदानी के उपयोग, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने तथा कूलर, टंकी एवं पानी के बर्तनों की नियमित सफाई करने का संदेश दिया गया। चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी काउंटर पर पंपलेट वितरण, पोस्टर के माध्यम से जानकारी, प्रतीक्षालय में जनजागरूकता संदेश, तथा स्वास्थ्य शिक्षा सत्र आयोजित किए गए। कई स्थानों पर आशा, एएनएम एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने मरीजों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर मलेरिया रोकथाम के उपाय समझाए।
सीएमएचओ डॉ विकास मारवाल ने बताया कि विश्व मलेरिया दिवस के उपलक्ष्य में जिले भर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई। इसके अंतर्गत जागरूकता रैली, ग्राम स्तरीय बैठकें, स्कूलों में स्वास्थ्य शिक्षा सत्र, मच्छर जनित रोगों की रोकथाम की गतिविधियां, घर-घर संपर्क अभियान, तथा संदिग्ध बुखार के मरीजों की जांच की तथा आगे भी जांचें व गतिविधिया की जाएगी।
सीएमएचओ डॉ विकास मारवाल ने आमजन से अपील की कि बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर निःशुल्क जांच कराएं तथा मलेरिया नियंत्रण में सहयोग करें। चिकित्सा विभाग द्वारा मलेरिया उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और जनभागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।

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