Pali Census News; 21 मई। जिला कलक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने बताया जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए 16 मई से 14 जून 2026 तक की जानी है। जनगणना 2027 के डोर टू डोर सर्वे अभियान का पहला चरण जिले में आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करने का कार्य किया जा रहा है।
उप जिला जनगणना अधिकारी राजेन्द कुमार टाँक ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा मकानों का सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक परिवार से 33 महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनके आधार पर जनसंख्या, मूलभूत सुविधाओं एवं सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित आंकड़े संकलीत किए जाएंगे। जनगणना के दौरान मकान की स्थिति, निर्माण सामग्री, परिवार के सदस्यों की संख्या, आवासीय एवं गैर-आवासीय उपयोग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की स्थिति, पेयजल उपलब्धता, शौचालय, रसाईघर तथा गैस कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा परिवार में उपलब्ध स्मार्टफोन, इंटरनेट, टेलीविजन, कम्प्यूटर, मोबाइल फोन, साईकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, कार आदि संसाधनों की जानकारी भी एकत्रित की जाएगी।
जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर पाली डॉ. बजरंग सिंह, ने आमजन से अपील की है कि वे जनगणना कर्मचारियों का सहयोग करें तथा उनकी पहचान पत्र देखकर ही जानकारी दें। किसी भी प्रकार की ओटीपी अथवा मोबाइल पर प्राप्त संदेश साझा न करें। केवल अधिकृत जनगणना कर्मचारियों को ही आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। जनगणना कार्य में सहयोग करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
आमजन से अपील की गई है कि वे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को सही एवं स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करवाएं। गलत जानकारी देने अथवा जानकारी छिपाने पर कोई गलत जानकारी दे है तो उसके खिलाफ जनगणना अधिनियम 1990 के तहत दण्ड का प्रावधान किया गया है। गलत जानकारी देने वाले व्यक्ति को 3 साल तक की जेल या एक हजार रूपए जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है। हर व्यक्ति को जानकारी देना अनिवार्य है। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत 1990 की धारा-11 के तहत सभी को जानकारी देना अनिवार्य है। आपसे जो भी जानकारी ली जाएगी, वह पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। यह जानकारी किसी भी व्यक्ति से साझा नहीं की जायेगी।
