जयपुर, 12 अप्रैल।  सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा एवं राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत ने रविवार को अलवर जिले के रैणी में नसिया तिराहे पर सैनी समाज विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित महात्मा ज्योतिबा फूले की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शिरकत कर प्रतिमा का अनावरण किया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत कहा कि महापुरुष सर्व समाज का होता है। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फूले, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, तेजाजी महाराज, भगवान देवनारायण जैसे सभी महापुरूषों ने समाज को जागरूक कर एकरूपता में पिरौने का काम किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, समानता और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में महात्मा ज्योतिबा फूले के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। महात्मा ज्योतिबा फूले का संपूर्ण जीवन समाज को प्रेरणा देने वाला है, जो हमें सामाजिक समरसता और ज्ञान के लिए समर्पित रहकर दूसरों के कल्याण के लिए कार्य करने के आदर्श से जोड़ता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि महात्मा ज्योतिबा फूले के समाज सुधारक कार्यों एवं उनके आदर्शों को अपनाकर शिक्षा और समानता के क्षेत्र में सहभागिता निभाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सहभागी बने। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के संकल्प को साकार करने हेतु सभी समाजों को साथ लेकर चलना चाहिए, तभी देश व प्रदेश का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए मोबाइल के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए उन पर निगरानी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरित होकर वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के एक पौधा प्रतिदिन का संकल्प अनुकरणीय है हम सबको भी पर्यावरण संरक्षण के लिए एक पौधा सभी को अवश्य लगाना चाहिए तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने महात्मा ज्योतिबा छात्रावास में एक कमरा बनवाने की घोषणा की।
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वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फूले का जीवन वंचितों के कल्याण के लिए समर्पित रहा था। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों को दूर कर समाज को एकरूपता के पिरौने में महती भूमिका निभाई तथा शिक्षा के प्रति समाज को जागृत कर शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाई। ज्योतिबा फूले ने अपनी पत्नी सावित्री बाई फूले को शिक्षित कर गांव-ढाणी में घूमकर बालिका शिक्षा को आगे बढाने का काम किया। उन्होंने कहा कि जो समाज पढ़ेगा, वह निश्चित रूप से आगे बढ़ेगा और देश को नई दिशा देने में अपनी महती भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि हम संकल्प लें कि बेटियों को आगे बढाने हेतु उनको शिक्षित करेंगे, विवाह में न दहेज लेंगे और न दहेज देंगे तथा नशे से हमेशा दूर रहेंगे।
इस दौरान राज्य सभा सांसद राजेंद्र गहलोत, बाँदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा सहित जनप्रतिनिधिगण, प्रबुद्ध व्यक्ति एवं बडी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

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